संवाददाता अर्पित,
डॉ. शकुन्तला मिश्रा राष्ट्रीय पुनर्वास विश्वविद्यालय, लखनऊ के फैकल्टी ऑफ इंजीनियरिंग एंड टेक्नोलॉजी अंतर्गत अप्लाइड साइंस एंड ह्यूमैनिटीज विभाग द्वारा आयोजित “CONASH AI SUMMIT 2026 – SIPs to Startups: Where Financial Intelligence Meets Human Potential in the Age of AI” का उद्घाटन ALRC बिल्डिंग स्थित कॉन्फ्रेंस हॉल में गरिमामय वातावरण में संपन्न हुआ।
उद्घाटन सत्र की अध्यक्षता प्रोफेसर डॉ सी के दीक्षित (डीन, अभियांत्रिकी एवं प्रोधोगिकी) तथा प्रोफेसर अश्वनी दुबे (डीन, फैकल्टी ऑफ आर्ट्स) ने की। इस अवसर पर डॉ. कंचन लता दीक्षित निदेशक प्रोफेसनल शिक्षा पीजी कोर्सस केकेवी लखनऊ एवं आईटी वेदांत के श्री सत्य प्रकाश सिंह के साथ अन्य विशिष्ट अतिथियों की उपस्थिति रही। कार्यक्रम का शुभारंभ मां सरस्वती पूजन, अर्चन एवं दीप प्रज्वलन के साथ किया गया।
अपने संबोधन में प्रोफेसर सी के दीक्षित ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के वर्तमान प्रयोगों और आयामो को शिक्षा से जोड़ते हुए निकट भविष्य में होने वाले संभावित प्रयोगों के बारे में छात्रो को आवश्यक निर्देश दिए ।
प्रोफेसर अश्वनी दुबे ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (AI) के मूलभूत सिद्धांतों को सरल एवं रोचक ढंग से प्रस्तुत करते हुए शिक्षा के क्षेत्र में इसके बढ़ते प्रभाव पर प्रकाश डाला और इसे आज की सोसाइटी के साथ सार्थक तरीके से जोड़ कर बच्चो को मूलभूत जानकारी दी । उन्होंने कहा कि आज के मानवनिर्मित विज्ञान के डिजिटल युग में तकनीकी विकास के साथ-साथ शिक्षा, अनुसंधान और नवाचार के नए आयाम स्थापित कर रहा है।
डॉ. कंचन लता दीक्षित ने शोधार्थियों एवं विद्यार्थियों को आशीर्वाद प्रदान करते हुए मानवनिर्मित विज्ञान और कृत्रिम विविधता के प्रभाव एवं संभावित दुष्प्रभावों के प्रति जागरूक रहने का संदेश देते हुए आवश्यक और मूलभूत निर्देश दिए।
मुख्य अतिथि प्रो. डॉ. अरविंद कुमार तिवारी (विभागाध्यक्ष, कंप्यूटर साइंस एंड इंजीनियरिंग, KNIT सुल्तानपुर) ने मानवनिर्मित विज्ञान के विविध आयामों पर विस्तृत चर्चा की। उन्होंने सम्मेलन के विषय पर बल देते हुए बताया कि किस प्रकार कृत्रिम और मानवनिर्मित विज्ञान के माध्यम से स्थानीय बाजार से स्टार्टअप्स तक की शुरुआत कर आर्थिक अवसरों को बढ़ाया जा सकता है। उनके व्यावहारिक सुझावों से विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों में विशेष उत्साह देखने को मिला।
आईटी वेदांत से आए अतिथि श्री सत्य प्रकाश सिंह ने मानवनिर्मित विज्ञान के उपयोग को शिक्षा, उद्योग, रोजगार तथा सामाजिक क्षेत्रों के नए आयामों को आपस मे जोड़ते हुए आय सृजन के विभिन्न अवसरों पर प्रकाश डाला।
इस अवसर पर डॉ अर्चना अवस्थी कोऑर्डिनेटर एप्लाइड साइंस और एडीटर इन चीफ जी ने भी मानवनिर्मित विज्ञान को प्रोफेशनल कम्युनिकेशन से जोड़ते हुए इसके विविध आयामों पर विशेष बल दिया और बताया कि प्रभावी संप्रेषण कौशल के साथ मानवनिर्मित विज्ञान का उपयोग कर बेहतर करियर एवं व्यावसायिक अवसर विकसित किए जा सकते हैं।
इसके उपरांत आयोजित टेक्निकल सेशन में विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों द्वारा पेपर रीडिंग तथा पोस्टर प्रेजेंटेशन के माध्यम से आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस के नए आयामों पर अपने शोध एवं विचार प्रस्तुत किए गए। इस सत्र के माध्यम से प्रतिभागियों ने नवीन ज्ञान अर्जित किया तथा आपसी संवाद और विचार-विमर्श के जरिए अपने कौशल को समृद्ध किया।
..उद्घाटन सत्र का संचालन डॉ. अर्चना अवस्थी और डॉ यशश्वी सिंह द्वारा कुशलतापूर्वक किया गया।
अंत में, सम्मेलन की संयोजक डॉ. अर्चना अवस्थी ने अप्लाइड साइंस एंड ह्यूमैनिटीज विभाग की ओर से सभी अतिथियों, विद्यार्थियों एवं शोधार्थियों के प्रति आभार व्यक्त किया। इस कार्यक्रम की सफलता में एडीटर इन चीफ डॉ.आकाश सिंह तथा एडिटोरियल बोर्ड के सदस्य डॉ.हरेन्द्र वर्मा, डॉ.अनिल गौड़,डॉ.रवि शुक्ला,डॉ.शेखर यादव,आदि सभी शिक्षकों का भी सराहनीय योगदान रहा!










