फिरोजाबाद के अंकित राठौर ने लखनऊ के लोहिया हॉस्पिटल में पेट का ऑपरेशन करवाया। ड्रिप के लिए जो विगो लगता है वह गलत लग गया। अगले दिन हाथ सूज गया। ऑपरेशन करने वाले डॉक्टर ने हाथ की सर्जरी कर दी। हाथ में सड़न फैल गई। हाथ काटना पड़ा। सड़न नहीं रुकी, दोबारा हाथ काटना पड़ा। परिवार ने इसकी शिकायत सीएमओ, डिप्टी सीएम, सीएम तक की। कहीं न्याय नहीं मिला।
यहां तक की डिप्टी सीएम के घर पर एक डॉक्टर ने कह दिया कि ये लड़का हाथ इधर-उधर किया होगा, इसीलिए दिक्कत हुई। बच्चे की मां इसके जवाब में रोते हुए कहती हैं- जब वह बेहोश था, फिर हाथ इधर उधर कैसे कर सकता है। इन लोगों ने मेरे इकलौते बेटे का जीवन खराब कर दिया। अब हम न्याय के लिए दर-दर भटकने को मजबूर हैं।
आर्थिक रूप से कमजोर यह परिवार लखनऊ में अधिकारियों और नेताओं की चौखट के चक्कर काट रहा। कहीं भी न्याय नहीं मिल रहा।








